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Hawan Ceremony

हवन-यज्ञ का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्त्व: डॉ. ढींडसा
जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में एम.एड और बीएड के नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर किया गया हवन यज्ञ का आयोजन

सिरसा 17 नवंबर, 2023 : जेसीडी विद्यापीठ, सिरसा में स्थित शिक्षण महाविद्यालय के एम.एड. के नए शैक्षणिक सत्र 2023-2024 का शुभारंभ हवन-यज्ञ के साथ हुआ, जिसमें मुख्य यजमान के रूप में विद्यापीठ के महानिदेशक एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉ. कुलदीप सिंह ढींडसा थे एवं कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने यजमान की भूमिका निभाई । इस अवसर पर शिक्षण महाविद्यालय से डॉ राजेंद्र कुमार डॉ रमेश कुमार , डॉ सत्यनारायण, डॉ सुषमा रानी ,डॉ कंवलजीत कौर ,डॉ निशा, मदन लाल, बलविंदर , प्रीति , राज पवन एवं अनुराधा के अलावा अन्य अधिकारीगण व अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी हवन-यज्ञ में अपने कर-कमलों द्वारा आहुति डालकर शुभफल की कामना की।

इस शुभ अवसर पर सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ. जय प्रकाश द्वारा डॉ. कुलदीप सिंह ढींडसा का हरा पौधा देकर स्वागत किया गया । इस अवसर पर डॉ. ढींडसा ने नए शैक्षणिक सत्र हेतु स्टाफ व छात्रों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीन संस्कृति है। भारतीय संस्कृति में हवन-यज्ञ का महत्त्व स्वीकार किया गया है। डॉ. ढींडसा ने हवन-यज्ञ के वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से हवन यज्ञ द्वारा हमारे आसपास हानिकारक वाइरस व बैक्टीरिया नष्ट होते हैं, जिससे शुद्ध वातावरण होने से रोगों की रोकथाम में मदद मिलती है। डॉक्टर ढींडसा ने कहा कि हवन वायु मंडल से ऑक्सीजन रेडिकल को कम कर देता है । आध्यात्मिक दृष्टि से हवन-यज्ञ मानसिक शांति और ईश्वर के प्रति समर्पण भाव का प्रतिपादक है। हवन यज्ञ के समय हम विश्व कल्याण की भावना से जुड़ते हैं। यज्ञ के समय उच्चारित पवित्र मंत्रों से उत्पन्न सद्विचारों से स्वस्थ समाज का निर्माण होता है, इसीलिए हवन यज्ञ को संसार का सबसे श्रेष्ठ कार्य माना गया है।

इस अवसर पर शिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उन्होंने कहा कि सत्र 2023-24 में बीएड एवं एम. एड. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के सत्र का शुभारंभ हवन के साथ किया जाता है यह हमारी परंपरा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो विद्यार्थी पूरी मेहनत व लगन के साथ पढ़ाई करता है उसको सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने कहा कि भावी-अध्यापक राष्ट्र निर्माता होते हैं और कहा कि आपने विद्यापीठ का चयन किया है वह पसंद सर्वोपरि है।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अगर किसी कार्य की शुरूआत हवन से की जाए तो वह शुभ फलदायी होता है। प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि हमें अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ ईमानदार होना चाहिए। शिक्षक अपने ज्ञान, विवेक से विद्यार्थियों में मानवता, देशभक्ति, राष्ट्रीय चरित्र, भाईचारे, सद्भावना, और संस्कार निर्माण का कार्य करता है, जिससे नये समाज का सृजन होता है। इसलिए शिक्षण संस्थानों को अहम माना जाता है, जहां पर देश के बेहतरीन नागरिक बनने और बनाने की प्रक्रिया काम करती है। एक अच्छा शिक्षक ही समाज का विकास कर सकता है। पण्डित ताराचंद ने पूरे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ सम्पन्न करवाया।

इस मौके पर सभी नए विद्यार्थीयों सहित अन्य महाविद्यालयों के प्राचार्यों, जेसीडी विद्यापीठ के ऑफिसर सहित अनेक अधिकारियों व स्टाफ सदस्यों तथा अतिथियों के साथ हवन-यज्ञ में आहुति डालकर मंगलमय भविष्य एवं शैक्षिक प्रगति की कामना की। अंत में मुख्य अतिथि द्वारा सभी कर्मचारियों और विद्यार्थियों को मिठाई बांटी गई।

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